दक्षिण भारत की अर्थव्यवस्था साल 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने यह बात दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कही।
महाबलीपुरम में हुई इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। नायडू ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्य देश की आर्थिक तरक्की में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन राज्यों का भारत की GDP में करीब 31 प्रतिशत योगदान है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में दक्षिणी राज्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नायडू ने केंद्र के सामने आंध्र प्रदेश से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए। उन्होंने राज्य के विभाजन से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की। नायडू ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच भरोसा और आपसी सहयोग के जरिए इन मुद्दों को तेजी से सुलझाया जा सकता है।
इसके साथ ही नायडू ने दक्षिण भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक बड़ी योजना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की मांग की।
नायडू ने सुझाव दिया कि इस प्रस्तावित बुलेट ट्रेन को उनके गृह विधानसभा क्षेत्र कुप्पम से होकर गुजारा जाए। उनका कहना है कि बेहतर परिवहन नेटवर्क से दक्षिणी राज्यों के बीच व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा।
अब देखना होगा कि केंद्र सरकार दक्षिणी राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और लंबित मुद्दों को लेकर नायडू के इन प्रस्तावों पर क्या कदम उठाती है।
